पूतिरोधी
- अवधि
- 1867
- नक्शा
- आविष्कार मानचित्र
चिकित्सा में प्रतिरोधि (Antiseptics) ऐसे द्रव्य हैं जो सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोकते, या उनका विनाश करते हैं । यहाँ पर इनका विचार विशेष रूप से शरीर के संपर्क में आने वाले सूक्ष्म जीवों के विनाश की दृष्टि से किया गया है। प्रतिरोधी शब्द की परिभाषा कुछ अस्पष्ट ही है, क्योंकि अनेक ऐसे द्रव्य हैं जो जीवाणुनाशक होने के कारण रोगाणुनाशी (disinfectant) श्रेणी में आते हैं, पर जिन्हें प्ररितरोधी द्रव्यों के अंतर्गत भी परिगणित किया जाता है। वास्तव में ये दोनों शब्द सापेक्ष हैं। रोगाणुनाशी द्रव्य प्रतिरोधी द्रव्यों से अधिक तीव्र होते हैं और जल में तनुकृत करने पर ऐसे अधिकांश द्रव्य प्रतिरोधी जैसा कार्य करते हैं। प्रतिरोधी क्रिया मंदप्रभावी होते हुए भी अधिक देर तक बनी रहती है।
स्रोत: विकिपीडिया — पूतिरोधी · CC BY-SA 4.0
आसपास की पहले और बाद की घटनाएँ
- 1688 – 1689गौरवशाली क्रांति
- 1776वाट का वाष्प इंजन
- 1796चेचक का टीका
- 1867पूतिरोधीयह पृष्ठ
- 1916ईस्टर विद्रोह
इस भूमि पर किसने शासन किया
ऐतिहासिक सीमा डेटा (Cliopatria) के अनुसार यह स्थान जिन राज्यों में था। वर्ष डेटा के अंतराल (कुछ वर्षों से एक सदी) के अनुसार अनुमानित हैं। उस वर्ष का नक्शा देखने के लिए टैप करें।
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