जैन धर्म
- अवधि
- लगभग 500 ई.पू.
- नक्शा
- धर्म मानचित्र
जैन धर्म श्रमण संस्कृति से निकला धर्म है। इसके प्रवर्तक हैं २४ तीर्थंकर हैं, जिनमें प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) तथा अन्तिम तीर्थंकर भगवान वर्धमान महावीर हैं। जैन धर्म की अत्यन्त प्राचीनता सिद्ध करने वाले अनेक उल्लेख साहित्य और विशेषकर पौराणिक साहित्यों में प्रचुर मात्रा में हैं। श्वेताम्बर एवं दिगम्बर जैन धर्म के दो सम्प्रदाय हैं। समयसार एवं तत्वार्थ सूत्र आदि इनके प्रमुख ग्रन्थ हैं। जैनों के प्रार्थना - पूजास्थल, जिनालय या मन्दिर कहलाते हैं।
स्रोत: विकिपीडिया — जैन धर्म · CC BY-SA 4.0
आसपास की पहले और बाद की घटनाएँ
- लगभग 500 ई.पू.जैन धर्मयह पृष्ठ
- लगभग 500 ई.पू.गौतम बुद्ध
- 322 ई.पू.मौर्य राजवंश
- 320गुप्त राजवंश
इस भूमि पर किसने शासन किया
ऐतिहासिक सीमा डेटा (Cliopatria) के अनुसार यह स्थान जिन राज्यों में था। वर्ष डेटा के अंतराल (कुछ वर्षों से एक सदी) के अनुसार अनुमानित हैं। उस वर्ष का नक्शा देखने के लिए टैप करें।
- 600 ई.पू. – 550 ई.पू.मगध महाजनपद
- 500 ई.पू. – 450 ई.पू.हर्यक वंशयह पृष्ठ
- 400 ई.पू. – 350 ई.पू.शिशुनाग वंश
- 300 ई.पू. – 200 ई.पू.मौर्य राजवंश
- 150 ई.पू. – 100 ई.पू.शुंग राजवंश
- 50 ई.पू.कण्व वंश
20 और दिखाएँ
- 150 – 225कुषाण
- 250पूर्वी कुषाण
- 325 – 550गुप्त राजवंश
- 575 – 600मौखरि वंश
- 625पुष्यभूति वंश
- 750कन्नौज
- 800 – 1080पाल वंश
- 1100 – 1200गाहड़वाल वंश
- 1220 – 1280ग़ुलाम वंश
- 1300 – 1320ख़िलजी वंश
- 1340तुग़लक़ वंश
- 1360 – 1380बंगाल सल्तनत
- 1400 – 1480शरक़ी राजवंश
- 1500 – 1530बंगाल सल्तनत
- 1540 – 1570सूरी साम्राज्य
- 1580 – 1710मुग़ल साम्राज्य
- 1720 – 1760बंगाल सूबा
- 1770 – 1855ब्रिटिश साम्राज्य
- 1860 – 1946ब्रिटिश राज
- 1948 –भारत