दीन-ए-इलाही
- अवधि
- 1582
- क्षेत्र
- भारत
- स्थान
- 파테푸르 시크리
- श्रेणी
- धर्म
दीन-ए-इलाही 1582 ईस्वी में मुगल सम्राट अकबर द्वारा एक समरूप धर्म था, जिसमें सभी धर्मों के मूल तत्वों को डाला, इसमे प्रमुखता हिंदू एवं इस्लाम धर्म थे। इनके अलावा पारसी, जैन एवं ईसाई धर्म के मूल विचारों को भी सम्मलित किया। हाँलाँकि इस धर्म के प्रचार के लिए उसने ज्यादा कुछ नही किया केवल अपने विश्वस्त लोगों को ही इसमें सम्मलित किया। कहा जाता हैं कि अकबर के अलावा केवल राजा बीरबल ही मृत्यु तक इस के अनुयायी थे। दबेस्तान-ए-मजहब के अनुसार अकबर के पश्चात केवल १९ लोगों ने इस धर्म को अपनाया कालांतर में अकबर ने एक नए पंचांग की रचना की जिसमें की उसने एक ईश्वरीय संवत को आरम्भ किया जो अकबर की राज्याभिषेक के दिन से प्रारम्भ होत था। उसने तत्कालीन सिक्कों के पीछे अल्लाहु-अकबर लिखवाया जो अनेकार्थी शब्द है। अकबर का शाब्दिक अर्थ है "महान" और "सबसे बड़ा"। अल्लाहु-अकबर शब्द के अर्थ है "अल्लाह (ईश्वर) महान हैं " या "अल्लाह (ईश्वर) सबसे बड़ा हैं"। दीन-ऐ-इलाही सही मायनों में धर्म न होकर एक आचार सहिंता समान था। इसमें भोग, घमंड, निंदा करना या दोष लगाना वर्जित थे एवं इन्हें पाप कहा गया। दया, विचारशीलता और संयम इसके आधार स्तम्भ थे।
स्रोत: विकिपीडिया — दीन-ए-इलाही · CC BY-SA 4.0
आसपास की पहले और बाद की घटनाएँ
- 1192तराइन का युद्ध
- 1206दिल्ली सल्तनत
- 1526मुग़ल साम्राज्य की स्थापना
- 1582दीन-ए-इलाहीयह पृष्ठ
- 1632 – 1653ताजमहल
- 1761पानीपत का तृतीय युद्ध
- 1857 – 1858१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
इस भूमि पर किसने शासन किया
ऐतिहासिक सीमा डेटा (Cliopatria) के अनुसार यह स्थान जिन राज्यों में था। वर्ष डेटा के अंतराल (कुछ वर्षों से एक सदी) के अनुसार अनुमानित हैं। उस वर्ष का नक्शा देखने के लिए टैप करें।
25 और दिखाएँ
- 600 ई.पू. – 450 ई.पू.सुरसेन
- 400 ई.पू. – 350 ई.पू.शिशुनाग वंश
- 300 ई.पू. – 200 ई.पू.मौर्य राजवंश
- 150 ई.पू.यवन-बाख़्त्री साम्राज्य
- 100 ई.पू.हिन्द-यवन राज्य
- 50 ई.पू. – 75इंडो-शक
- 100 – 225कुषाण
- 250पूर्वी कुषाण
- 275 – 300पश्चिमी क्षत्रप
- 325यौधेय गणराज्य
- 350 – 550गुप्त राजवंश
- 575 – 600मौखरि वंश
- 625पुष्यभूति वंश
- 675 – 725मैत्रक राजवंश
- 750कन्नौज
- 775 – 800गुर्जर-प्रतिहार राजवंश
- 825पाल वंश
- 850 – 975गुर्जर-प्रतिहार राजवंश
- 1000 – 1040चौहान
- 1060 – 1160ग़ज़नवी साम्राज्य
- 1180परमार वंश
- 1200ग़ोरी राजवंश
- 1220 – 1280ग़ुलाम वंश
- 1300 – 1320ख़िलजी वंश
- 1340 – 1400तुग़लक़ वंश