पोलियो वैक्सीन
- अवधि
- 1955
- नक्शा
- आविष्कार मानचित्र
दुनियाभर में पोलिओम्येलितिस का मुकाबला करने के लिए दो पोलियो वैक्सीन का प्रयोग किया जाता है पहला [ जोनास साल्क] द्वारा विकसित किया गया और 1952 में उसका पहला परीक्षण किया गया। 1955, अप्रैल 12 को सॉल्क द्वारा दुनिया को इसकी घोषणा की गयी की, यह निष्क्रिय पोलियोवायरस की इंजेक्शन की खुराक होते हैं. एक मौखिक टीका अल्बर्ट साबिन द्वारा तनु पोलियो वायरस का उपयोग करके विकसित किया गया. साबिन के टिके का मानव परिक्षण १९५७ में शुरू किया गया और इसने १९६२ में लाइसेंस प्राप्त किया। चूँकि साधारणतः असंक्राम्य व्यक्तियों में पोलिओ वायरस की कोई दीर्घकालिक वाहक परिस्थिति नहीं है और, पोलियोवायरस का प्रकृति में कोई गैर रिहायशी भण्डारण नहीं है और पर्यावरण में इस वायरस का एक समय की विस्तारित अवधि के लिए अस्तित्व बनाये रखना मुश्किल है। इसलिए, टीकाकरण के द्वारा वायरस का व्यक्ति से व्यक्ति में संचरण की रोकधाम वैश्विक पोलियो उन्मूलन का एक महत्वपूर्ण कदम है। इन दो टीकों द्वारा दुनिया के सबसे अधिक देशों से पोलियो का उन्मूलन किया गया है और दुनियाभर में पोलियो के मामले, अनुमानित, १९८८ में ३५०,००० से घटकर २००७ में १,६५२ रह गए हैं।
स्रोत: विकिपीडिया — पोलियो वैक्सीन · CC BY-SA 4.0
आसपास की पहले और बाद की घटनाएँ
- 1863गेटिसबर्ग का युद्ध
- 1863मुक्ति उद्घोषणा
- 1867अलास्का की ख़रीद
- 1955पोलियो वैक्सीनयह पृष्ठ
- 1964नागरिक अधिकार अधिनियम 1964
- 1968परमाणु अप्रसार संधि
- 20216 जनवरी को अमेरिकी कैपिटल पर हमला
इस भूमि पर किसने शासन किया
ऐतिहासिक सीमा डेटा (Cliopatria) के अनुसार यह स्थान जिन राज्यों में था। वर्ष डेटा के अंतराल (कुछ वर्षों से एक सदी) के अनुसार अनुमानित हैं। उस वर्ष का नक्शा देखने के लिए टैप करें।