सौर सेल
- अवधि
- 1954
- नक्शा
- आविष्कार मानचित्र
सौर बैटरी या सौर सेल फोटोवोल्टाइक प्रभाव के द्वारा सूर्य या प्रकाश के किसी अन्य स्रोत से ऊर्जा प्राप्त करता है। अधिकांश उपकरणों के साथ सौर बैटरी इस तरह से जोड़ी जाती है कि वह उस उपकरण का हिस्सा ही बन जाती जाती है और उससे अलग नहीं की जा सकती। सूर्य की रोशनी से एक या दो घंटे में यह पूरी तरह चार्ज हो जाती है। सौर बैटरी में लगे सेल प्रकाश को समाहित कर अर्धचालकों के इलेक्ट्रॉन को उस धातु के साथ क्रिया करने को प्रेरित करता है। एक बार यह क्रिया होने के बाद इलेक्ट्रॉन में उपस्थित ऊर्जा या तो बैटरी में भंडार हो जाती है या फिर सीधे प्रयोग में आती है। ऊर्जा के भंडारण होने के बाद सौर बैटरी अपने निश्चित समय पर डिस्चार्ज होती है। ये उपकरण में लगे हुए स्वचालित तरीके से पुनः चालू होती है, या उसे कोई व्यक्ति ऑन करता है।
स्रोत: विकिपीडिया — सौर सेल · CC BY-SA 4.0
आसपास की पहले और बाद की घटनाएँ
- 1867अलास्का की ख़रीद
- 1929 – 1939महामन्दी
- 1944ब्रेटन वुड्स प्रणाली
- 1954सौर सेलयह पृष्ठ
- 1964नागरिक अधिकार अधिनियम 1964
- 1968परमाणु अप्रसार संधि
- 200111 सितम्बर 2001 के हमले
इस भूमि पर किसने शासन किया
ऐतिहासिक सीमा डेटा (Cliopatria) के अनुसार यह स्थान जिन राज्यों में था। वर्ष डेटा के अंतराल (कुछ वर्षों से एक सदी) के अनुसार अनुमानित हैं। उस वर्ष का नक्शा देखने के लिए टैप करें।
इस अवधि के अन्य मानचित्र
- युद्ध मानचित्रप्रथम हिन्दचीन युद्ध
- युद्ध मानचित्रअल्जीरियाई युद्ध
- महामारी मानचित्रतीसरी प्लेग महामारी
- आविष्कार मानचित्रओब्निन्स्क परमाणु बिजलीघर