दुनिया: 1750 का दशक
1750–1759
मानचित्र पर देखेंइस काल की घटनाएँ 4
1756 – 1763 · यूरोप · युद्ध
सप्तवर्षीय युद्ध
सप्तवर्षीय युद्ध एक विश्वयुद्ध था जो 1756 तथा 1763 के बीच लड़ा गया। इसमें 1756 से 1763 तक की सात वर्ष अवधि में युद्ध की तीव्रता अधिक थी। इसमें उस समय की प्रमुख राजनीतिक तथा सामरिक रूप से शक्तिशाली देश शामिल थे। इसका प्रभाव योरप, उत्तरी अमेरिका, केंद्रीय अमेरिका, पश्चिमी अफ्रीकी समुद्रतट, भारत तथा फिलीपींस पर पड़ा। भारतीय इतिहास के सन्दर्भ में इसे तृतीय कर्नाटक युद्ध कहते हैं। विश्व के दूसरे क्षेत्रों में इसे 'द फ्रेंच ऐण्ड इण्डियन वार' ; मॉमेरियन वार ; तृतीय सिलेसियन युद्ध आदि के नाम से जाना जाता है।
1754 – 1763 · उत्तर अमेरिका · युद्ध
इंडो-फ्रांसीसी युद्ध
1754-1763 का इंडो-फ्रांसीसी युद्ध सात साल के युद्ध का रंगमंच था, जिसमें ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेश आमने-सामने थे। इस युद्ध में भारतीयों ने फ्रांसीसी और ब्रिटिश दोनों पक्षों को सहयोग दिया, युद्ध में महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभाई।
1755 – 1758 · मध्य एशिया · युद्ध
ज़ुंगार नरसंहार
चिंग साम्राज्य के सम्राट च्यानलोंग ने ज़ुंगार ख़ानत को जीतने के बाद 1755 में ज़ुंगार नेता अमुरसाना के विद्रोह के उत्तर में ज़ुंगार लोगों के व्यापक संहार का आदेश दिया। ओइरात मंगोल जनजातियों के इस संघ के अधिकांश लोग युद्ध, जनसंहार और बीमारी से समाप्त हो गए। इसके बाद ज़ुंगारिया क्षेत्र में अन्य लोगों को बसाया गया।
1757 · भारत · युद्ध
प्लासी का पहला युद्ध
प्लासी का पहला युद्ध 23 जून 1757 को भागीरथी नदी के किनारे 'प्लासी' नामक स्थान में हुआ था जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में मुर्शिदाबाद के दक्षिण में 22 मील दूर स्थित है। इस युद्ध में एक ओर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना थी तो दूसरी ओर थी बंगाल के नवाब की सेना। कंपनी की सेना ने रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में नवाब सिराज़ुद्दौला को हरा दिया था। किंतु इस युद्ध को कम्पनी की जीत नही मान सकते कयोंकि युद्ध से पूर्व ही नवाब के तीन सेनानायक मीर जाफर, उसके दरबारी, तथा राज्य के अमीर सेठ जगत सेठ आदि से कलाइव ने षडंयत्र कर लिया था। नवाब की तो पूरी सेना ने युद्ध मे भाग भी नही लिया था। युद्ध के तुरन्त बाद मीर जाफ़र के पुत्र मीरन ने सिराजुद्दौला की हत्या कर दी थी। इस युद्ध को भारत के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण माना जाता है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप ही भारत में अंग्रेजों ने पैर जमा लिये।
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लगभग इसी समय
- वाट का वाष्प इंजन1776
- अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा1776
- अमेरिकी क्रान्ति1763 – 1783
- कुक का ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर पहुँचना1770
- ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार का युद्ध1740 – 1748
- पानीपत का तृतीय युद्ध1761