दुनिया: 1920 का दशक
1920–1929
मानचित्र पर देखेंइस काल की घटनाएँ 6
1929 – 1939 · उत्तर अमेरिका · अर्थव्यवस्था
महामन्दी
इतिहास में महामंदी या भीषण मन्दी (1928-1934) के नाम से जानी जाने वाली यह घटना एक विश्वव्यापी आर्थिक मंदी थी। यह सन १९२९ के लगभग शुरू हुई और १९३९-४० तक जारी रही। विश्व के आधुनिक इतिहास में यह सबसे बड़ी और सर्वाधिक महत्व की मंदी थी। इस घटना ने पूरी दुनिया में ऐसा कहर मचाया था कि उससे उबरने में कई साल लग गए। उसके बड़े व्यापक आर्थिक व राजनीतिक प्रभाव हुए। इससे फासीवाद बढ़ा और अंतत: द्वितीय विश्वयुद्ध की नौबत आई। हालांकि यही युद्ध दुनिया को महामंदी से निकालने का माध्यम भी बना। इसी दौर ने साहित्यकारों और फिल्मकारों को भी आकर्षित किया और इस विषय पर कई किताबें लिखी गईं। अनेक फिल्में भी बनीं और खूब लोकप्रिय भी हुईं।
1923 · मध्य पूर्व · राजनीति
तुर्की गणराज्य की घोषणा
29 अक्टूबर 1923 को तुर्की की महान राष्ट्रीय सभा ने मुस्तफ़ा कमाल अतातुर्क द्वारा तैयार संवैधानिक संशोधन के माध्यम से गणराज्य की घोषणा की। उस्मानी साम्राज्य के स्थान पर तुर्की गणराज्य बना और अतातुर्क उसके पहले राष्ट्रपति बने।
1927 – 1949 · चीन · युद्ध
चीनी गृहयुद्ध
चीनी गृहयुद्ध चीन गणराज्य की नेतृत्व कर रही गुओमिंदांग दल और चीनी साम्यवादी दल के बीच 1945 से 1949 तक चलने वाला संघर्ष था। वास्तव में यह गृहयुद्ध समय-समय पर 1927 से ही जारी रहा, जब गुओमिंदांग के नेता च्यांग काई शेक ने साम्यवादियों को कुचलने के लिए उनके विरुद्ध प्रथम कड़ा अभियान चलाया। इन दोनों के बीच झड़पें 1937 तक चली, जब जापान ने चीन पर आक्रमण करा। इसके बाद 1937–1945 काल में द्वितीय चीन-जापान युद्ध चला और यह दोनों दल जापान से लड़ने के लिए आपसी सहयोग करने लगे। इस काल के अंत भाग में जापान द्वितीय विश्ववयुद्ध में उलझ गया और यह चीन-जापान युद्ध उसी का एक भाग बन गया। इसमें 1945 में जापान की पराजय होने के बाद, गुओमिंदांग-साम्यवादी गृहयुद्ध फिर आरम्भ हो गया और 1949 तक साम्यवादी चीन की मुख्यभूमि पर हावी हो गये जहाँ उन्होंने जनवादी गणतंत्र चीन की स्थापना करी, जबकि गुओमिंदांग ने ताइवान में जा कर गढ़ बना लिया और वहाँ चीनी गणराज्य की नीव रखी। उस समय से इन दोनों की स्थिति लगभग वैसी ही है।
1921 · यूरोप · राजनीति
क्रोनश्टाट विद्रोह
मार्च 1921 में फ़िनलैंड की खाड़ी के कोटलिन द्वीप पर स्थित नौसैनिक अड्डे क्रोनश्टाट के नाविकों, सैनिकों और नागरिकों ने बोल्शेविक सरकार के विरुद्ध विद्रोह किया। सोलह दिनों तक चला यह विद्रोह लाल सेना द्वारा कुचल दिया गया।
1928 · यूरोप · राजनीति
केलाग-ब्रियाँ समझौता
केलाग-ब्रियाँ समझौता पारस्परिक विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिये किया गया एक अंतरराष्ट्रीय समझौता था जिसपर पेरिस में 27 अगस्त 1928 को 15 देशों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के पूर्व, अंतरराष्ट्रीय विधि में, युद्ध विधानत: ग्राह्य साधन था, जिसके द्वारा राष्ट्र अपने वास्तविक या काल्पनिक अधिकारों की रक्षा करते थे। इस अधिकार को सीमित करने का प्रयास 1899 तथा 1907 की हेग कानफरेंसों तथा सन् 1914 की ब्रायन संधियों द्वारा किया गया था। 1924 में स्वीकृत जिनीवा प्रोटोकल के दूसरे अनुच्छेद में यह किया गया कि उन अवस्थाओं को छोड़कर जो उसमें परिगणित थीं, किसी भी अवस्था में युद्ध का आश्रय न लिया जाए। सितंबर 1927 में लीग ऑव नेशंस की सभा ने अपनी आठवीं बैठक में पोलैंड का यह प्रस्ताव स्वीकार किया कि :
1921 · मध्य एशिया · राजनीति
1921 की मंगोल क्रांति
1921 में मंगोल क्रांतिकारियों ने सोवियत लाल सेना की मदद से रूसी श्वेत सेना को देश से निकाल दिया। इसके परिणामस्वरूप 1924 में मंगोल जनवादी गणराज्य की स्थापना हुई, जो नाममात्र स्वतंत्र होते हुए भी सोवियत संघ के प्रभाव में रहा।
विवरण विकिपीडिया (CC BY-SA 4.0) लेख का पहला अनुच्छेद है। पूरा पाठ और मूल लिंक देखने के लिए घटना खोलें।
अब भी जारी
- रूसी गृहयुद्ध1917 – 1922
- मेक्सिकी क्रान्ति1910 – 1920
- पोलिश-सोवियत युद्ध1919 – 1921
- यूनान–तुर्की युद्ध (1919–1922)1919 – 1922
लगभग इसी समय
- प्रथम विश्व युद्ध1914 – 1918
- रूसी क्रांति1917
- 1 मार्च आंदोलन1919
- साइक्स-पिकाट समझौता1916
- फ़रवरी क्रांति1917
- अक्तूबर समाजवादी क्रांति1917
- बालफ़ोर घोषणा1917
- दांडी मार्च1930
- वर्दुन का युद्ध1916
- सोम का युद्ध1916
- ईस्टर विद्रोह1916
- अरब विद्रोह1916 – 1918
इस अवधि के अन्य मानचित्र
- युद्ध मानचित्रमेक्सिकी क्रान्ति
- युद्ध मानचित्ररूसी गृहयुद्ध
- महामारी मानचित्रस्पेनी फ्लू
- युद्ध मानचित्रचीनी गृहयुद्ध
- आविष्कार मानचित्रपेनिसिलिन
- महामारी मानचित्रतीसरी प्लेग महामारी
- आविष्कार मानचित्रइंसुलिन (औषधि)
- आविष्कार मानचित्रदूरदर्शन