चीन1949
1 अक्टूबर 1949 को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष माओ त्से-तुंग ने बीजिंग के तियानआनमेन चौक पर चीनी जनवादी गणराज्य की स्थापना की घोषणा की। इसी समारोह में केंद्रीय जन सरकार की घोषणा भी हुई, जिसे आधुनिक चीन की स्थापना माना जाता है।
चीन1949
1 अक्टूबर 1949 को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष माओ त्से-तुंग ने बीजिंग के तियानआनमेन चौक पर चीनी जनवादी गणराज्य की स्थापना की घोषणा की। इसी समारोह में केंद्रीय जन सरकार की घोषणा भी हुई, जिसे आधुनिक चीन की स्थापना माना जाता है।
कोरिया1945कोरियाई प्रायद्वीप
कोरिया राष्ट्रीय मुक्ति दिवस उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया का एक सार्वजनिक त्यौहार है, जिसे हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन 1945 में मित्रपक्ष शक्तियों ने कोरिया को जापानी शासन से 35 वर्षों से मुक्त किया। यह 1948 में दक्षिण कोरिया की स्थापना से भी मिलता है। मुक्ति दिवस एक ही राजनीतिक त्योहार है, जिसे दोनों उत्तर और दक्षिण कोरिया में मनाया जाता है।
चीन1927 – 1949जारी
चीनी गृहयुद्ध चीन गणराज्य की नेतृत्व कर रही गुओमिंदांग दल और चीनी साम्यवादी दल के बीच 1945 से 1949 तक चलने वाला संघर्ष था। वास्तव में यह गृहयुद्ध समय-समय पर 1927 से ही जारी रहा, जब गुओमिंदांग के नेता च्यांग काई शेक ने साम्यवादियों को कुचलने के लिए उनके विरुद्ध प्रथम कड़ा अभियान चलाया। इन दोनों के बीच झड़पें 1937 तक चली, जब जापान ने चीन पर आक्रमण करा। इसके बाद 1937–1945 काल में द्वितीय चीन-जापान युद्ध चला और यह दोनों दल जापान से लड़ने के लिए आपसी सहयोग करने लगे। इस काल के अंत भाग में जापान द्वितीय विश्ववयुद्ध में उलझ गया और यह चीन-जापान युद्ध उसी का एक भाग बन गया। इसमें 1945 में जापान की पराजय होने के बाद, गुओमिंदांग-साम्यवादी गृहयुद्ध फिर आरम्भ हो गया और 1949 तक साम्यवादी चीन की मुख्यभूमि पर हावी हो गये जहाँ उन्होंने जनवादी गणतंत्र चीन की स्थापना करी, जबकि गुओमिंदांग ने ताइवान में जा कर गढ़ बना लिया और वहाँ चीनी गणराज्य की नीव रखी। उस समय से इन दोनों की स्थिति लगभग वैसी ही है।
चीन1937 – 1945जारी
द्वितीय चीन-जापान युद्ध चीन तथा जापान के बीच 1937-45 के बीच लड़ा गया था। 1945 में अमेरिका द्वारा जापान पर परमाणु बम गिराने के साथ ही जापान ने समर्पण कर दिया और युद्ध की समाप्ति हो गई। इसके परिणामस्वरूप मंचूरिया तथा ताईवान चीन को वापस सौंप दिए गए जिसे जापान ने प्रथम चीन-जापान युद्ध में उससे लिया था।
कोरिया1950 – 1953
कोरियाई युद्ध (1950-53) का प्रारंभ 25 जून, 1950 को उत्तरी कोरिया से दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण के साथ हुआ।यह शीत युद्ध काल में लड़ा गया सबसे पहला और सबसे बड़ा संघर्ष था। एक तरफ़ उत्तर कोरिया था जिसका समर्थन कम्युनिस्ट सोवियत संघ तथा साम्यवादी चीन कर रहे थे, दूसरी तरफ़ दक्षिणी कोरिया था जिसकी रक्षा अमेरिका कर रहा था।युद्ध अन्त में बिना निर्णय ही समाप्त हुआ परन्तु जन क्षति तथा तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था।
जापान1945
हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बमबारी 6 अगस्त 1945 की सुबह अमेरिकी वायु सेना ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम "लिटिल बॉय" गिराया था। तीन दिनों बाद अमरीका ने नागासाकी शहर पर "फ़ैट मैन" परमाणु बम गिराया। हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम को अमेरीका पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डेलानो रूज़वेल्ट के सन्दर्भ में "लिटिल ब्वाय" और नागासाकी के बम को विन्सटन चर्चिल के सन्दर्भ में "फ़ैट मैन" कहा गया।
चीन1937 – 1938
नानचिंग नरसंहार द्वितीय चीन-जापान युद्ध के दौरान 13 दिसंबर 1937 को शुरू हुआ, और छह हफ़्तों तक चला. जापानी सैनकों ने नानचिंग शहर में चाइनीज़ नागरिकों की बड़े पैमाने पर हत्या की, और गैंगरैप भी किया। अनुमान है कि जापानियों ने 200,000 से 300,000 चिंनीयों को मौत के घात उतार दिया। चीन में 13 दिसंबर को नानचिंग नरसंहार के मृतकों की याद में राष्ट्रीय शोक दिवस होता है।
कोरिया1948
कोरिया का पहला गणराज्य अगस्त 1948 से अप्रैल 1960 तक दक्षिण कोरिया की सरकार थी। पहला गणतंत्र 15 अगस्त 1948 को स्थापित किया गया था। 1945 में जापानी शासन के अंत के बाद से दक्षिण कोरिया पर शासन करने वाली संयुक्त राज्य सेना की सैन्य सरकार, कोरिया में पहली स्वतंत्र रिपब्लिकन सरकार बन गई। मई 1948 के आम चुनाव के बाद सिनगमैन री दक्षिण कोरिया के पहले राष्ट्रपति बने, और सियोल में नेशनल असेंबली ने जुलाई में दक्षिण कोरिया के पहले संविधान को प्रख्यापित किया, सरकार की राष्ट्रपति प्रणाली की स्थापना की। ↑ "The Sydney Morning Herald", Wikipedia, 2022-07-29, अभिगमन तिथि: 2022-08-17
जापान1945
द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के आत्मसमर्पण की घोषणा 15 अगस्त 1945 को सम्राट हिरोहितो ने की और 2 सितंबर 1945 को इस पर औपचारिक हस्ताक्षर हुए। परमाणु बमबारी और सोवियत संघ के युद्ध में उतरने के बाद हुए इस आत्मसमर्पण से युद्ध समाप्त हुआ और कोरिया को जापानी शासन से मुक्ति मिली।
कोरिया1948 – 1949
3 अप्रैल 1948 को दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप पर शुरू हुआ सशस्त्र विद्रोह और उसके दमन की घटना, जो मई 1949 तक चली और जिसके बाद भी हिंसा जारी रही। दमन अभियान में बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक मारे गए, और बाद में दक्षिण कोरियाई सरकार ने इस पर आधिकारिक रूप से माफ़ी माँगी।
जापान1945
1945 में अमेरिकी थल सेना और मरीन कोर ने ओकिनावा द्वीप पर जापानी सेना के विरुद्ध यह बड़ा युद्ध लड़ा, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल को प्रशांत युद्ध के सबसे बड़े जलथलीय आक्रमण से हुई। महीनों चली इस लड़ाई में सैनिकों और स्थानीय नागरिकों की भारी जनहानि हुई।
भारत1947नई दिल्ली
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम १९४७ युनाइटेड किंगडम की पार्लियामेंट द्वारा पारित वह विधान है जिसके अनुसार ब्रिटेन शासित भारत का दो भागों में विभाजन किया गया। यह अधिनियम 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश संसद में पेश हुआ और 18 जुलाई 1947 को स्वीकृत हुआ और १५ अगस्त १९४७ को भारत बंट गया। भारतीय संवैधानिक विकास के क्रम में अनेक विधेयक ब्रिटिश संसद ने पारित किए लेकिन सन् 1947 का भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ब्रिटिश संसद द्वारा भारत के लिए अंतिम किन्तु सबसे अत्यधिक महत्वपूर्ण अधिनियम था। भारतीय स्वाधीनता अधिनियम द्वारा भारत ने 200 वर्ष से चल रहा ब्रिटिश शासन से मुक्ति प्राप्त की।माउंटबेटन योजना के अंतरगत
चीन1934 – 1935
लॉन्ग मार्च या दीर्घ प्रयाण या लम्बा कूच 16 अक्टूबर 1934 से शुरु होकर 20 अक्टूबर 1935 तक चलने वाला चीन की साम्यवादी (कुंगचांगतांग) सेना का एक कूच था जब उनकी फ़ौज विरोधी गुओमिंदांग दल की सेना से बचने के लिए 370 दिनों में लगभग 6000 मील का सफ़र तय किया। वास्तव में यह एक कूच नहीं बल्कि कई कुचों की शृंखला थी जिसमें से जिआंगशी प्रान्त से अक्टूबर 1934 को शुरू हुआ कूच सबसे प्रसिद्ध है। यह कूच माओ ज़ेदोंग (माओ-त्से-तुंग) और झोऊ एन्लाई के नेतृत्व में किये गए और पश्चिमी चीन के दुर्गम क्षेत्रों से गुज़रकर पहले पश्चिम की ओर और फिर उत्तर मुड़कर शान्शी प्रान्त में ख़त्म हुआ। कुल मिलकर इस कूच पर 1,00,000 साम्यवादी सैनिक निकले थे लेकिन इसके अंत कर इनमें से 20% ही जीवित बचे।
दक्षिण-पूर्व एशिया1942
8 से 15 फ़रवरी 1942 तक चली लड़ाई के बाद जापानी साम्राज्य ने ब्रिटिश सेना से सिंगापुर छीन लिया। दक्षिण-पूर्व एशिया में ब्रिटेन का प्रमुख सैन्य अड्डा और बंदरगाह होने के कारण इसका पतन ब्रिटिश इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य पराजयों में गिना जाता है।
दक्षिण-पूर्व एशिया1944
अक्टूबर 1944 में फ़िलीपींस के लेयते द्वीप के पास अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई नौसेनाओं तथा जापानी नौसेना के बीच हुआ युद्ध, जिसमें दो लाख से अधिक नौसैनिक शामिल थे। यह द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे बड़ा नौसैनिक युद्ध था, जिसमें जापानी नौसेना को भारी हानि हुई।
दक्षिण-पूर्व एशिया1945जकार्ता
सुकर्णो ने इंडोनेशिया की स्वतंत्रता की घोषणा की।
मध्य एशिया1949
29 अगस्त 1949 को सोवियत संघ ने कज़ाख़ सोवियत समाजवादी गणराज्य के सेमिपालातिंस्क परीक्षण स्थल पर अपना पहला परमाणु बम आरडीएस-1 विस्फोटित किया, जिसकी क्षमता 22 किलोटन टीएनटी थी। इससे अमेरिका का परमाणु एकाधिकार समाप्त हुआ और शीत युद्ध की हथियार होड़ तेज़ हो गई।
जापान1951
सैन फ्रांसिस्को संधि
कोरिया1953
27 जुलाई 1953 को संयुक्त राष्ट्र कमान, उत्तर कोरियाई जन सेना और चीनी जन स्वयंसेवक सेना के प्रतिनिधियों के बीच कोरियाई युद्ध रोकने के लिए हुआ युद्धविराम समझौता। इसके तहत सैन्य सीमांकन रेखा और विसैन्यीकृत क्षेत्र बने, पर कोई शांति संधि नहीं हुई, इसलिए औपचारिक रूप से युद्ध समाप्त नहीं हुआ।
मध्य एशिया1939
1939 में सोवियत संघ और मंगोलिया तथा जापान और मंचुकुओ के बीच अघोषित सीमा संघर्ष की निर्णायक लड़ाइयाँ, जिन्हें जापान में नोमोनहान घटना कहा जाता है। जनरल गेओर्गी ज़ुकोव के नेतृत्व में सोवियत सेना ने विमानों, टैंकों और पैदल सेना के संयुक्त आक्रमण से जापानी सेना को हराया।